Safe, Resilient and Durable Built Environment के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत
गाजियाबाद। इमारतों की सुरक्षा, उनके संरक्षण और सुरक्षित भविष्य के निर्माण को लेकर क्रिएटिव डिजाइन कंसल्टेंट्स एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड (CCEPL) द्वारा "The Awakening for a Safe, Resilient and Durable Built Environment" विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ रिदम गर्ग के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे भारत में केवल नई इमारतों का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौजूदा इमारतों की सुरक्षा और उपयोगिता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
CCEPL के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अंकुर गुप्ता ने कहा कि इमारतों की सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर विशेषज्ञों द्वारा जांच और Structural Audit कराने से संभावित जोखिमों की पहचान समय रहते की जा सकती है।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य श्री दिनेश कुमार गोयल ने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निर्माण किसी भी विकसित समाज की पहचान है। वहीं विशिष्ट अतिथि महंत श्री बालकनाथ जी ने समाज और राष्ट्र के हित में जिम्मेदार निर्माण व्यवस्था को आवश्यक बताया।
CCEPL के प्रबंध निदेशक इंजी. अमन दीप गर्ग ने कहा कि पुरानी इमारतों का संरक्षण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण आने वाले समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कि Repair, Retrofitting एवं Rehabilitation द्वारा इमारतों की उपयोगी आयु बढ़ाई जा सकती है तथा संसाधनों की बचत की जा सकती है।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान SAAR Rating System की अवधारणा भी प्रस्तुत की। यह प्रणाली लोगों को किसी भी निर्माण परियोजना की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रबंधन को समझने में सहायता प्रदान कर सकती है।
कार्यक्रम में SAAR प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। Pidilite, Hilti, SRMB, AAYKAA सहित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों ने तकनीकी विषयों पर अपने विचार रखे। Hilti टीम द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया गया।
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