आरटीई के दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करे यूपी सरकार— सीमा त्यागी
Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई 2009) के अंतर्गत चयनित बच्चों को निजी स्कूलों द्वारा प्रवेश न दिए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से ऐसे स्कूलों के खिलाफ मान्यता रद्द करने जैसी कठोर एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना प्रत्येक मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय की कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद फरवरी से मार्च तक चली तीन चरणों की प्रवेश प्रक्रिया में 13,000 से अधिक सीटों पर चयनित लगभग 6,200 बच्चों में से अभी तक 50 प्रतिशत बच्चों को भी प्रवेश नहीं मिल पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। सीमा त्यागी ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार चयनित बच्चों के दाखिले सुनिश्चित कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कई बड़े निजी स्कूल शासन और प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। हाल ही में जिले के नवनियुक्त मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ ) द्वारा निजी स्कूलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरटीई दाखिले पूर्ण करने की चेतावनी दी गई थी, किंतु अनेक स्कूलों ने प्रशासन की चेतावनी को भी गंभीरता से नहीं लिया। जो केवल प्रशासनिक आदेशों की अवमानना नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21(क) के तहत बच्चों को प्राप्त मौलिक शिक्षा अधिकार का भी उल्लंघन है। यदि कोई विद्यालय जानबूझकर आरटीई के अंतर्गत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसके विरुद्ध मान्यता समाप्त करने, आर्थिक दंड लगाने तथा संबंधित प्रबंधन के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। सीमा त्यागी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि आरटीई कानून का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की तत्काल समीक्षा कर उनकी मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को उनका संवैधानिक शिक्षा अधिकार मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में कानून का सम्मान सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन बच्चों और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।
सीमा त्यागी
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन
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