समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता अंशु ठाकुर को कल रात up पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया
Ghaziabad :- अंशु ठाकुर ने बताया की हम केवल मजदूरों से मिलने और उनकी समस्याओं को सुनने जा रहे थे, लेकिन हमें घर से बाहर निकलने से रोक दिया गया। यह कार्रवाई तब की गई जब हम मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उनके साथ खड़े थे।
मजदूरों को लंबे समय से उचित वेतन नहीं मिल रहा है। जब उन्होंने अपने हक की मांग की, तो उनके साथ लाठीचार्ज किया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन पर गलत व बेबुनियाद आरोप लगाए गए।
नजरबंद के दौरान आज अंशु ठाकुर को अपने वकालत के कार्य से दिल्ली हाई कोर्ट जाना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें स्वतंत्र रूप से जाने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान पुलिस ने अपना एक सिपाही अंशु ठाकुर के ऊपर नजर रखने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट तक साथ भेजा, जो पूरे दिन उनके साथ न्यायालय परिसर में मौजूद रहा।
यह सब केवल इस डर से किया गया कि कहीं अंशु ठाकुर नोएडा न चला जाएँ, जहां समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मजदूरों से मिलने जा रहा था।
अंशु ठाकुर ने कहाँ की लोकतंत्र में अपनी बात रखना और पीड़ितों के समर्थन में खड़ा होना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई उस अधिकार को दबाने का प्रयास है।
मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस तरह की नजरबंदी हमारी आवाज को नहीं रोक सकती, ना हमारे विचारों को कैद कर सकती है । हम मजदूरों के हक, सम्मान और न्याय की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रखेंगे।
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