DPS. स्कूल ने समय में की गई एकतरफा, अत्यधिक वृद्धि को न कानून का डर न प्रशासन का खोंफ , महामहिम से लगाई गुहार
डीपीएसजी की मनमानी के खिलाफ आईपीए और अभिभावकों ने राष्ट्रपति से लगाई न्याय की गुहार, आईपीए और अभिभावकों का बड़ा कदम, डीपीएसजी के बच्चों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रपति को भेजे पत्र
Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन डीपीएसजी के अभिभावकों एवं बच्चों ने दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद (डीपीएसजी), मेरठ रोड द्वारा बच्चों के स्कूल समय में की गई एकतरफा और अत्यधिक वृद्धि के विरोध में माननीय राष्ट्रपति महोदया को बड़ी संख्या में पत्र भेजकर न्याय की मांग की है। आईपीए के उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ एवं विवेक त्यागी ने कहा कि डीपीएसजी प्रबंधन द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल बिना अभिभावकों की सहमति बल्कि बिना सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के लागू किया गया है, जो पूरी तरह अनुचित और बच्चों के हितों के विरुद्ध है। इस फैसले से बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चों पर बढ़ते तनाव, खेल व रचनात्मक गतिविधियों में कमी तथा पारिवारिक समय के अभाव को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता और प्रशासन के ढुलमुल रवैये के प्रति आक्रोश है। आईपीए और अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने पहले संवाद, शांतिपूर्ण विरोध और प्रशासनिक स्तर पर शिकायत जैसे सभी लोकतांत्रिक प्रयास किए, लेकिन समाधान न मिलने के कारण अब यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया है। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने माननीय राष्ट्रपति से मांग की है कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, बढ़े हुए स्कूल समय को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए तथा भविष्य में ऐसी मनमानी रोकने के लिए सख्त एवं बाध्यकारी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। आईपीए के महासचिव महिपाल रावत ने कहा कि यह केवल एक विद्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि देशभर के बच्चों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का विषय है। हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय राष्ट्रपति महोदया इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को न्याय दिलाएंगी।
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