उत्तरप्रदेश। आपस में लड़ रहे देशों से मानवता के हित में अपील करते हुए डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि आपस में ना लड़े। खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालातो और हवाई हमलों के कारण वहां के लगभग 35 लाख से अधिक लोग अपना घर परिवार छोड़ ने को मजबूर हो चुके हैं। वह बिचारे भूखे प्यासे लोग सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। इस पूरे संकट के बीच दुनिया की नजर भले ही तेल और गैस की आपूर्ति पर टिकी हो, लेकिन ये सब अगर ऐसे ही चलता रहा और आपस की लड़ाई नहीं रुकी तो वो दिन दूर नहीं ज़ब खाड़ी देशों के लिए सबसे बड़ी चुनौती शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बनने वाली है। लगातार हमलों और अव्यवस्था के कारण कई इलाकों में पानी की भारी कमी की आशंका जताई जा रही है। युद्ध से पैदा हुआ यह वैश्विक संकट केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा। गैस, तेल-ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर इसके प्रभाव दुनिया के कई देशों को प्रभावित कर सकते हैं। भारत भी इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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