आई.टी.एस गाजियाबाद में “ऑपरेशन प्रहार – नशा मुक्ति अभियान” पर जागरूकता सत्र का आयोजन

आई.टी.एस गाजियाबाद में “ऑपरेशन प्रहार – नशा मुक्ति अभियान” पर जागरूकता सत्र का आयोजन 

Ghaziabad :- आई.टी.एस गाजियाबाद द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 17 मार्च, 2025 को संस्थान के चाणक्य ऑडिटोरियम में “ऑपरेशन प्रहार – नशा मुक्ति अभियान” विषय पर एक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया।
  यह सत्र एम बी ए, एम सी ए,पीजीडीएम, एवं यूजी के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नशा सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर आई. टी. एस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर पी चड्ढा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दी। आई. टी. एस- द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा जी ने इस प्रकार के आयोजन और उत्तर प्रदेश पुलिस की सहभागिता एवं उनकी कार्यक्षमता की भूरि भूरि प्रशंसा की ।
 आई.टी.एस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने मुख्य अतिथि श्रीमती श्वेता कुमारी यादव, ए सी पी, साहिबाबाद (गाजियाबाद) का स्वागत सम्मान पौधा, उपहार एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और सुरक्षित वातावरण विकसित हो सके।
तत्पश्चात एसीपी श्रीमती श्वेता कुमारी यादव ने अपने संबोधन में “ऑपरेशन प्रहार” के प्रमुख उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका लक्ष्य संगठित अपराधों पर नियंत्रण एवं उन्हें कम करना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिससे अपराधियों में भय और आम नागरिकों में विश्वास उत्पन्न होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस इस अभियान के तहत अपराध होने की प्रतीक्षा नहीं करती, बल्कि पूर्व-निवारक उपाय भी अपनाती है। इनमें खुफिया जानकारी एकत्र करना, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करना तथा आवश्यकतानुसार निवारक गिरफ्तारी करना शामिल है। इन उपायों से संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर उन्हें प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है।
सत्र में “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत कार्यरत विभिन्न विशेष पुलिस इकाइयों की समन्वित भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। एसीपी यादव ने बताया कि एंटी-नारकोटिक्स टीम, स्वाट टीम तथा एंटी-रोमियो स्क्वॉड जैसे दल मिलकर कार्य करते हैं, जिससे अभियान की प्रभावशीलता और सुदृढ़ होती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से नशा नियंत्रण पर भी चर्चा की गई, जो “ऑपरेशन प्रहार” के दूसरे चरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि स्कूलों एवं कॉलेजों के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाती है, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। साथ ही नशीले पदार्थों की आपूर्ति और इससे जुड़े अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाती है।
अभियान की कार्यप्रणाली को समझाते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की जाती है, जिससे अपराधियों के भागने की संभावना कम हो जाती है और सूचना के लीक होने का खतरा भी घटता है। उन्होंने नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) और हापुड़ (मेरठ रेंज) जैसे क्षेत्रों के उदाहरण देते हुए बताया कि इस अभियान से अपराध नियंत्रण में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
सत्र का समापन अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ समूह छायाचित्र एवं राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में सार्वजनिक सुरक्षा, जागरूकता तथा नशा मुक्ति के प्रति समझ को और अधिक सुदृढ़ किया।

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