नोएडा/ग्रेटर नोएडा, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर 1 अप्रैल 2026 को पूरे देश में "काला दिवस" मनाया जाएगा, जिसके तहत सीटू जिला कमेटी गौतम बुद्ध नगर ने जिले के सभी कारखानों, औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, संस्थानों और कार्यस्थलों के मज़दूरों, कर्मचारियों एवं यूनियन कार्यकर्ताओं से इस विरोध में शामिल होने की अपील की है।
सीटू जिला कमेटी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 को श्रमिक-विरोधी चार श्रम संहिताओं को लागू करने के लिए केंद्रीय नियमों की अधिसूचना हेतु घोषित किया है। इन संहिताओं को ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के नाम पर लाया गया है, लेकिन वास्तव में ये :
• यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार को कुचलती हैं, • 8 घंटे के कार्यदिवस को खत्म कर कार्य समय को मालिक की मर्जी पर छोड़ती हैं, • ठेका प्रथा और फिक्स्ड टर्म रोजगार को स्थायी बनाती हैं, • न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, बोनस, ग्रेच्युटी जैसे अधिकारों को कमजोर करती हैं, • मालिकों के उल्लंघनों को अपराधमुक्त करती हैं, जबकि यूनियन गतिविधियों को दंडनीय बनाती हैं।
सीटू ने कहा कि लगभग 150 वर्षों के संघर्ष से हासिल अधिकारों को एक झटके में छीनने का यह प्रयास है, जो मज़दूर वर्ग को फिर से औपनिवेशिक गुलामी की ओर धकेलने की साजिश है।
जिला कमेटी ने याद दिलाया कि 12 फरवरी 2026 की ऐतिहासिक आम हड़ताल में गौतम बुद्ध नगर के श्रमिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, और उसी जज़्बे के साथ 1 अप्रैल को काला दिवस मनाया जाएगा।
कार्यक्रम के स्वरूप :
— काले बैज लगाकर काम पर आना
— हाथ/माथे पर काली पट्टी बांधना
— लंच अवकाश में गेट मीटिंग, नारेबाजी, प्रदर्शन
— फैक्ट्री गेटों पर धरना, जुलूस, मोटरसाइकिल रैली
— अन्य रचनात्मक प्रतिरोध
जिले में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम :
• प्रातः 7:00 बजे — अनमोल इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार, ग्रेटर नोएडा पर विरोध सभा • दोपहर 12:00 बजे — श्रम कार्यालय, सेक्टर 3, नोएडा पर ट्रेड यूनियनों द्वारा संयुक्त विरोध प्रदर्शन • दोपहर 2:00 बजे — बी-190, फेस टू, नोएडा कंपनी के पास विरोध सभा • दोपहर 2:00 बजे — अंबुजा सीमेंट कंपनी, एनटीपीसी दादरी, ग्रेटर नोएडा पर विरोध सभा
सीटू जिला कमेटी ने सभी यूनियनों, फेडरेशनों, एसोसिएशनों और प्रगतिशील संगठनों से अपील की है कि वे संयुक्त रूप से या स्वतंत्र रूप से, अपनी सुविधा अनुसार कार्यक्रम आयोजित करें और एकजुट होकर यह संदेश दें कि गौतम बुद्ध नगर का मज़दूर वर्ग इन काले कानूनों को स्वीकार नहीं करेगा।
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