Ghaziabad :- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर 'हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति' द्वारा आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ शृंखला के तहत आज शिप्रा सनसिटी इंदिरापुरम में भक्ति और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम देखने को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम, 'लव जिहाद' पर मर्मस्पर्शी नाटक आज के कार्यक्रमों के मुख्य आकर्षण रहे।
प्रमुख आकर्षण: जागरूकता और संस्कृति का संगम
आज के कार्यक्रमों में वैचारिक चेतना और सांस्कृतिक भव्यता का अनूठा प्रदर्शन हुआ। शिप्रा सनसिटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 'लव जिहाद' के खतरों और सामाजिक जागरूकता पर आधारित एक विशेष नाटक का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को झकझोर दिया। वहीं, विभिन्न भजन मंडली, नृत्य एवं गीत प्रदर्शन ने पूरे वातावरण को केसरिया रंग और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
विशाल जन-भागीदारी और संख्या बल
समाज के हर वर्ग की रिकॉर्ड उपस्थिति रही से विशाल संख्या में उपस्थित बंधुओं ने हिंदू एकता का परिचय दिया।
पूज्य संतों का ओजस्वी मार्गदर्शन
महंत विनोदानंद जी महाराज ने अपने संबोधन में सनातन धर्म की रक्षा और सामाजिक एकजुटता का आह्वान किया ।
'पंच परिवर्तन' से राष्ट्र निर्माण का संकल्प
कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विपिन गोयल जी, प्रांत मंत्री - जन शिक्षा समिति, ने संघ के 100 वर्षों के सेवा कार्यों की चर्चा की। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि संघ का लक्ष्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि समाज को बदलना है। उन्होंने हर हिंदू परिवार से ‘पंच परिवर्तन’ सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का आग्रह और नागरिक कर्तव्य को अपने जीवन में उतारने का संकल्प दिलाया।
"आज का यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि हिंदू समाज अपनी संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए जागृत हो चुका है। 'पंच परिवर्तन' के माध्यम से हम हर घर को संस्कार और स्वावलंबन का केंद्र बनाएंगे।"
कार्यक्रम के अंत में आरती रही और सभी नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया । इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय निवासी, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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