छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने हेतु आई.टी.एस., मोहन नगर और नैसकॉम के बीच एमओयू संपन्न

छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने हेतु आई.टी.एस., मोहन नगर और नैसकॉम के बीच एमओयू संपन्न
गाजियाबाद: *आई.टी.एस., मोहन नगर, गाजियाबाद द्वारा नैसकॉम (NASSCOM) एमओयू एक्सचेंज सेरेमनी का सफल आयोजन* किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग–अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करना, छात्रों की रोजगार क्षमता में वृद्धि करना तथा शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को समकालीन उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखना है ।
अपने संबोधन में *श्री अर्पित चड्ढा, वाइस चेयरमैन, आईटीएस – द एजुकेशन ग्रुप ने ऐसे एमओयू की रणनीतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा* कि इस प्रकार की साझेदारियां अकादमिक जगत और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि नैसकॉम जैसे प्रतिष्ठित उद्योग संगठन के साथ सहयोग से छात्रों को प्रासंगिक कौशल, व्यावहारिक अनुभव तथा उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्राप्त होते हैं, जो वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।
*डॉ. सुनील कुमार पांडे, निदेशक (आईटीएस) ने अपने स्वागत संबोधन में* तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में निरंतर री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे एमओयू न केवल छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि संकाय सदस्यों को भी उद्योग-आधारित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के माध्यम से अद्यतन रहने का अवसर प्रदान करते हैं।
*डॉ. नैन्सी शर्मा, प्राचार्या, आईटीएस यूजी कैंपस ने* छात्रों के लिए इस एमओयू के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सहयोग अकादमिक शिक्षा को मजबूत उद्योगपरक प्रासंगिकता प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों को उभरती तकनीकों में प्रमाणन, इंडस्ट्री कनेक्टेड प्रोग्राम्स तथा उद्योग विशेषज्ञों द्वारा संचालित करियर उन्मुख सत्रों का लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर *एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा एवं डॉ. उपमित सिंह, सीओओ, आईटी-आईटीईएस एसएससी, नैसकॉम के मध्य किया गया* , जिसके साक्षी डॉ. सुनील कुमार पांडे, डॉ. नैन्सी शर्मा एवं सुश्री कामना जैन रहीं।
*सभा को संबोधित करते हुए डॉ. उपमित सिंह ने* आज की तेजी से विकसित होती डिजिटल अर्थव्यवस्था में मजबूत उद्योग–अकादमिक साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एमओयू संरचित री-स्किलिंग एवं अप-स्किलिंग पहलों, उभरती तकनीकों में प्रमाणन कार्यक्रमों तथा उद्योग विशेषज्ञों के साथ सतत सहभागिता के माध्यम से कौशल अंतर को कम करने का कार्य करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर तैयारी भी प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है।
यह एमओयू कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके अंतर्गत उद्योग-संगत प्रशिक्षण, प्रमाणन, इंटर्नशिप तथा सहयोगात्मक पहलें शामिल हैं। यह आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र की गतिशील आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं करियर-तैयारी के प्रति प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करता है।
इस एमओयू का *प्रमुख उद्देश्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए नवीनतम एवं उभरती तकनीकों में प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग को बढ़ावा देना है* , जिससे उनकी उद्योग तत्परता एवं रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के माध्यम से संकाय सदस्यों को सशक्त बनाना, उद्योग-संपर्क को मजबूत करना तथा नैसकॉम द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी इसका लक्ष्य है।
कार्यक्रम के अंत में सुश्री कामना जैन ने futureskills.com पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न प्रमाणन पाठ्यक्रमों की जानकारी दी और छात्रों को इन निःशुल्क पाठ्यक्रमों में पंजीकरण कर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
*इस अवसर पर* आईटीएस – द एजुकेशन ग्रुप के *वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा, आईटीएस के निदेशक डॉ. सुनील कुमार पांडे, आईटीएस यूजी कैंपस की प्राचार्या डॉ. नैन्सी शर्मा सहित नैसकॉम से आए विशिष्ट अतिथि डॉ. उपमित सिंह, सीओओ, आईटी-आईटीईएस एसएससी, नैसकॉम तथा सुश्री कामना जैन, लीड – कम्युनिकेशन एंड कोलैबोरेशन, आईटी-आईटीईएस एसएससी, नैसकॉम उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमसीए की चेयरपर्सन डॉ. पूजा धर, एमसीए कोऑर्डिनेटर प्रो. स्मिता कंसल, बीबीए विभागाध्यक्ष प्रो. आदिल खान सहित अन्य संकाय सदस्य एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।* 
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Comments