Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूली बच्चों में तेजी से बढ़ रही डिजिटल निर्भरता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को पत्र लिखकर वीडियो गेम और सोशल मीडिया पर कड़े नियम बनाने की मांग की है।
एसोसिएशन ने हाल ही में तीन मासूम बच्चियों की कथित आत्महत्या जैसी हृदयविदारक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, जिससे अवसाद, आक्रामकता और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने मांग की है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सशक्त आयु-सत्यापन व्यवस्था लागू की जाए, हिंसक एवं लत उत्पन्न करने वाले ऑनलाइन गेम्स पर सख्त नियंत्रण हो, तथा सभी स्कूलों में “डिजिटल सेफ्टी एवं जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग” पर अनिवार्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन अभियान और प्रत्येक विद्यालय में प्रशिक्षित काउंसलर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी का कहना है कि यह केवल नीतिगत निर्णय नहीं, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य का प्रश्न है। समय रहते ठोस कदम उठाकर ही बच्चों को डिजिटल लत के खतरे से बचाया जा सकता है और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज की नींव रखी जा सकती है। आईपीए के उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ ने कहा कि आने वाले समय में संस्था द्वारा स्कूली बच्चों को वीडियो गेम की लत से बचाव और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा
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