अखलाक मामले में कैस वापस लिए जाने की माकपा नेत्री कामरेड वृंदा करात ने उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा यह न्याय की हत्या है

अखलाक मामले में कैस वापस लिए जाने की माकपा नेत्री कामरेड वृंदा करात ने उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा यह न्याय की हत्या है 

 ग्रेटर नोएडा, 12 दिसंबर 2025 को बिसाडा दादरी ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित हत्याकांड मामले में कोर्ट में सुनवाई थी। जिला कोर्ट परिसर में अखलाक मामले में शुरू से ही सक्रिय माकपा नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद कामरेड वृंदा करात उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा केश को वापस लेने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह न्याय की हत्या। और इस सिलसिले में आज फिर अखलाक के वकील मोहम्मद यूसुफ से मुलाकात कर केस के संबंध में बातचीत किया वे करीब करीब 2 घंटे जिला न्यायालय में रहीं और अखलाक के वकील से सरकार द्वारा केश वापस लेने व कानूनी स्थिति के संबंध में बातचीत की माकपा नेता ने सांप्रदायिक आधार पर न्यायिक मामलों को देखे जाने को सांप्रदायिकता की पराकाष्ठा बताया और सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जानबूझकर पोलराइजेशन की राजनीतिक कर रही है और हत्या जैसे गंभीर मामलों में पीड़ितों को न्याय से वंचित कर रही है इस तरह सरकार संविधान के अंतर्गत सेकुलर राज्य की अवधारणा को ही नष्ट कर रही है यह संभवतः पूरे देश में पहला मामला है जिसमें एविडेंस होने के बावजूद मामले के अत्यंत गंभीर होने के बावजूद मामले को वापस लेने का निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है जो भारत के संविधान और न्याय की अवधारणा के विपरीत है। इस मौके पर सीटू के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव, महासचिव राम स्वारथ, जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य सुखलाल, राकेश चौधरी सीपीआई(एम) दिल्ली राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड बृजेश सिंह, सीपीएम के जिला सचिव कामरेड रामसागर, एडवोकेट अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।