आईपीए की शिकायत का असर : इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की शिकायत पर बाल आयोग ने दिखाई दिव्यांग पार्क मुद्दे पर सख्ती
Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की शिकायत पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने इंदिरापुरम स्थित उत्तर प्रदेश के पहले समर्पित दिव्यांग पार्क को ध्वस्त कर वोटिंग पार्क बनाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह संज्ञान बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा-13 के अंतर्गत लिया है। शिकायत में बताया गया था कि वर्ष 2020 में दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास, थेरेपी और सामाजिक सहभागिता के उद्देश्य से विकसित इस पार्क को 19 दिसंबर 2025 की रात नियमों के विपरीत ध्वस्त कर कथित रूप से वोटिंग पार्क में परिवर्तित करने की कार्रवाई की गई। आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि दिव्यांग बच्चों से जुड़े किसी भी सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। आयोग ने जिलाधिकारी, गाजियाबाद को निर्देशित किया है कि मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट आवश्यक दस्तावेजों सहित आयोग को उपलब्ध कराई जाए। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए बनाए गए विशेष संसाधनों को समाप्त करना न केवल संवेदनहीनता दर्शाता है, बल्कि समावेशी समाज की अवधारणा के भी विपरीत है। एसोसिएशन ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और दिव्यांग बच्चों के हितों की हर स्तर पर रक्षा सुनिश्चित की जाए।
एसोसिएशन ने यह भी जोर दिया कि बच्चों के अधिकारों, विशेषकर दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।