Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा सत्र 2026–27 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई ) के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए सीटों में 6000 से अधिक की भारी कटौती पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के अनुसार, शिक्षा सत्र 2025–26 में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के कुल 1206 विद्यालयों में 19,666 सीटें आरटीई के तहत उपलब्ध थीं। जबकि शिक्षा सत्र 2026–27 में विद्यालयों की संख्या बढ़कर 1395 हो गई है (189 विद्यालयों की वृद्धि), इसके बावजूद सीटों की संख्या घटाकर मात्र 13,527 कर दी गई है। यानी 6139 सीटों की कमी कर दी गई, जो अत्यंत चिंताजनक है। आईपीए ने इसे विद्यालयों में सीट मैपिंग की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह बताते हुए कहा कि जब विद्यालयों की संख्या बढ़ी है, तो सीटों में कमी तर्कसंगत नहीं है। यह स्थिति हजारों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करेगी। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि आरटीई सीटों में हुई कमी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। विद्यालयों में सीट मैपिंग की पुनः समीक्षा कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।अधिकतम पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। आईपीए ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन अभिभावकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा। इस मौके पर विनय कक्कड़, अमित राय , बबलू ठाकुर, अमित चौहान , राहुल शर्मा, विवेक त्यागी, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे ।
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