आई.टी.एस डेंटल कॉलेज में चौथे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के चौथे मॉड्यूल का आयोजन किया गया*दिनांक 19 से 21 फरवरी, 2026

आई.टी.एस डेंटल कॉलेज में चौथे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के चौथे मॉड्यूल का आयोजन किया गया*
दिनांक 19 से 21 फरवरी, 2026
Ghaziabad :- आई.टी.एस डेंटल कॉलेज, गाजियाबाद के पीरियडोनटोलॉजी विभाग द्वारा दिनांक 19 से 21 फरवरी, 2026 तक चौथे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के चौथे मॉड्यूल का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। यह छ मॉड्यूल के कोर्स का चौथा चरण था, जिसमें प्रत्येक मॉड्यूल तीन दिनों का होता है, जिसमें 18 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें निजी दंत चिकित्सक, कॉलेज के पूर्व छात्र, संस्थान के दंत चिकित्सक, एम.डी.एस के विद्यार्थी और कॉलेज के अध्यापक शामिल थे। यह कोर्स डेंटोमैक्स इंटरनेशनल एकेडमी और प्रोफी विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान के सहयोग से आयोजित किया गया था।

यह कार्यक्रम आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन, श्री अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य मरीजों के बीच चेहरे के सौन्दर्य चिकित्सा के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा चेहरे के सौन्दर्य में वृद्धि की मांग करने वाले रोगियों की प्राथमिक वैकल्पिक लक्ष्यों को प्राप्त करना एवं रोगी को समग्र उपचार प्रदान करना है।  

इस पाठ्यक्रम के गेस्ट स्पीकर डॉ आशीष कुमार सिंह, डॉ गौरव तिवारी थे, जो फेशियल एस्थेटिक्स चिकित्सक के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय वक्ता भी है। जिन्होंने फेशियल एस्थेटिक्स पर इस तरह की अनेकों कार्यशालाएं की है। कार्यक्रम के दौरान डॉ आशीष एवं उनकी टीम ने कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के अन्तर्गत चेहरे की सुंदरता को ज्यादा बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों के बारे में सभी प्रतिभागियों को समझाया। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को केमिकल पील्स, बोटॉक्स, लेज़र हेयर रिडक्षन, डर्मल फिलर्स और अन्य फैषियल ऐस्थेटिक्स उपचार को सफलतापूर्वक एकीकृत करने के लिये तैयार करना है।  

मॉड्यूल के पहले दिन में प्रतिभागियों को बोटॉक्स के परिचयात्मक प्रशिक्षण से अवगत कराया गया। इस सत्र में उन मरीजों के लिए न्यूनतम इनवेसिव समाधानों पर विशेष ध्यान दिया गया, उन्हें झुर्रियों, वॉल्यूम लॉस, चेहरे की असममिति और त्वचा के ढीलापन जैसी समस्याओं का समाधान बताया। साथ ही माइक्रो-बोटॉक्स की अवधारणाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।  
दूसरे दिन डर्मल फिलर्स, विशेषकर हाइलूरोनिक एसिड के उपयोग के माध्यम से त्वचा को निखारने और एंटी-एजिंग उपचारों के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर ध्यान केन्द्रित किया गया। 

तीसरे दिन में चेहरे के दाग-धब्बों के सुधार और एंटी-एजिंग फेशियल लिफ्ट के लिए मोनो थ्रेड्स और कॉग थ्रेड्स के उपयोग पर फोकस किया गया। तीनों दिन प्रतिभागियों ने मरीजों पर इन नवीनतम उपचारों का हैंड्स-ऑन किया। डॉ आशीष ने विद्यार्थियों और अन्य दंत चिकित्सकों के लिये इस तरह के ज्ञानवर्धक मंच के आयोजन के लिये संस्थान को धन्यवाद दिया।  

इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ फेशियल एस्थेटिक्स उपचार के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ जिसके लिये सभी ने आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर.पी. चड्ढा तथा वाईस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा को धन्यवाद दिया।

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