आई0टी0एस0 फिजियोथेरेपी कालेज में कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक्स) एवं सहायक उपकरण (आर्थोटिक्स) विषय पर व्याख्यान का सफल आयोजन*

आई0टी0एस0 फिजियोथेरेपी कालेज में कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक्स) एवं सहायक उपकरण (आर्थोटिक्स) विषय पर व्याख्यान का सफल आयोजन

Ghaziabad :- आई0टी0एस फिजियोथेरेपी कालेज में 21 फरवरी, 2026 को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को इस विषय की सरल और उपयोगी जानकारी देना था, ताकि वे रोगियों की बेहतर देखभाल कर सकें।
व्याख्यान का संचालन प्रख्यात डॉ0 ए0एस0 मूर्ति वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट, बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी ईकाई, ऐम्स, नई दिल्ली द्वारा किया गया था। उन्होंने जलन, दुर्घटना और अंग कटने वाले रोगियों के उपचार तथा पुनर्वास के अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
आई0टी0एस - दी एजूकेशन ग्रुप के माननीय वाईस- चेयरमैन श्री अर्पित चडढा जी ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि अतिथि व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने संदेश दिया कि अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे मार्गदर्शन प्राप्त करना विद्यार्थियों को मजबूत बनाता है। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय श्री सुरेन्द्र सूद, निदेशक जनसंपर्क एवं प्रधानाचार्य डॉ0 एम0 थंगराज द्वारा अतिथि वक्ता के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के ज्ञान और आत्मविश्वास को बढाते हैं।
अपने व्याख्यान में डॉ0 मूर्ति ने बताया कि कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण कैसे चुने जाते हैं, उन्हें सही तरीके से कैसे लगाया जाता है और रोगी को चलने-फिरने के लिए कैसे तैयार किया जाता है। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि सही मार्गदर्शन और अभ्यास से रोगी सामान्य जीवन की और वापस लौट सकता है उन्होंने यह भी बताया कि फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका रोगी को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत महत्वपूर्ण होती है।

व्याख्यान के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उपकरणों के चयन, देखभाल और पुनर्वास से जुड़े प्रश्न पूछें। डॉ0 मूर्ति ने सभी प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट और आसान उदाहरणों के साथ दिए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आई0टी0एस - दी एजूकेशन ग्रुप के माननीय चेयरमैन डॉ0 आर0पी0 चडढा जी एवं माननीय वाईस चेयरमैन श्री अर्पित चडढा जी का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से विद्यार्थियों को ऐसे अनुभवी विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला।
यह आयोजन विद्यार्थियों के ज्ञान को बढाने और उन्हें बेहतर चिकित्सीय सेवा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

Comments