संविधान, संवैधानिक संस्थाओं पर आक्रमण लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं सपा महानगर अध्यक्ष :- वीरेंद्र यादव एडवोकेट

Ghaziabad :- आज 26 जनवरी 2026 गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व का आयोजन शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, उन्होंने ध्वजारोहण किया, सभी साथियों ने राष्ट्रगान गा, शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और भारत माँ को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले वीरों का जिनका नाम इतिहास के पन्नों में लिखा है या अनाम है, इस अवसर पर उन्हें स्मरण किया तथा उनके बलिदान, त्याग, तपस्या से प्रेरणा ले देश, समाज और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में सहयोगी बनने का संकल्प लिया | कार्यक्रम को अंशु ठाकुर, सरदार अवतार सिंह काले, अवधेश कुमार मिश्र एडवोकेट, आर0 पी0 सिंह पटेल, सी0 बी0 मौर्य, अनिल मिश्र, डा0 सरोज यादव ने भी संबोधित किया, हुकुम सिंह ने देश-प्रेम के गीत, पंडित विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ सन्देश सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया | महान पुरुषों के सम्मान में जोर-दार नारे लगाये गये, कार्यक्रम का आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया, कर्यक्रम में समाज सेविका फूलमती यादव सभी को शुभ-कामना और गणतंत्र दिवस की बधाई दी | 
        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने सभी साथियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज हम 77वां गणतंत्र दिवस मना रहे है, आज के दिन ही हमारा संविधान 76 वर्ष पहले लागू हुआ था, देश ने लम्बी यात्रा तय किया, गुलामी से हम मुक्त हुए, जनता को अधिकार मिले, स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुता, मौलिक अधिकार मिले, लेकिन आज भी हम उन महापुरुषों के सपनों का भारत नहीं बना पाए, जो उनकी मंशा थी, आज अहंकार, ईर्ष्या, नफ़रत, असहिष्णुता, विषमता का वातावरण बना हुआ है, हम राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक असमानता के शिकार हो रहे है, भारत दो देश बन गया है, एक अमीरों का, एक घोर गरीबी में जीने के लिए मजबूर लोगों का , जहाँ पीड़ा है, बेबसी, लाचारी है, अशिक्षा है, बीमारी है, शोषण है, अन्याय है, विषमता है, आज संविधान और संवैधानिक संस्थाओं और चारों खम्भों को प्रभावित किया जा रहा है, यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है, जबकि यहाँ गरीब से गरीब अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति उतना ही संविधान में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करने का अधिकारी है, वह भी यह महसूस करे कि मेरी बात का भी कुछ महत्त्व है, लेकिन आज गरीब-अमीर की खांई बढती अँधेरी सुरंग में पहुँच गयी है, इस व्यवस्था को बदलना होगा, सभी देश वासियों के हित में काम करना होगा, तभी हम गणतंत्र दिवस मनाने के अधिकारी हो सकते है, हमें ऐसा भारत बनाना है जिससे देश चलाने वालों को लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हुए जन-जन गरिमा पूर्ण जीवन जीये, ऐसा कार्य करना चाहिए |
    कार्यक्रम का संचालन लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष शिक्षाविद राम दुलार यादव ने किया, कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों लोगों में प्रमुख रहे, राम  दुलार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, सरदार अवतार सिंह काले, समर सिंह चौहान, डा0 सरोज यादव, फूलमती  यादव, अनीता सिंह, संजू शर्मा, धर्मवती, अनामिका यादव, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, अमरुद्दीन, संजय, हन्नान रसूल, प्रताप पाल, उपेन्द्र गुप्ता, महेन्द्र यादव, दिलीप शर्मा, रविन्द्र यादव, सुरेन्द्र यादव, साजिद मलिक, गुल मोहम्मद, फिरोज प्रधान,  डा0 देव कर्ण चौहान, वीर सिंह सैन, विक्की ठाकुर, विजय मिश्र, मुनीव यादव, ब्रह्म प्रकाश, सम्राट सिंह यादव, विजय भाटी एडवोकेट, गुड्डू यादव, अवधेश यादव, अवधेश मौर्य, एस0 एस0 प्रसाद, विश्वनाथ यादव, कृष्णानद यादव, भानु प्रकाश, विनोद यादव, ठाकुर प्रसाद, धर्मेन्द्र यादव, डा0 रमोद यादव, देवमन यादव, श्री निवास, राम नारायण, कृष्णा यादव आदि |