Ghaziabad :- इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (आईपीए ) ने शिक्षा मंत्रालय (पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्रालय), भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में जारी स्कूली बच्चों के स्कूल बैग के भार को कम करने संबंधी दिशा-निर्देशों को शिक्षा सत्र 2026–27 से जिले के सभी विद्यालयों में सख्ती से लागू कराने की माँग को लेकर जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद को एडीएम प्रशासन ज्योति मौर्या के माध्यम से ज्ञापन दिया है।
आईपीए ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि मंत्रालय द्वारा कक्षा-वार स्कूल बैग के अधिकतम वजन की स्पष्ट सीमा निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। इसके बावजूद जिले के अनेक विद्यालयों में इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे बच्चों को प्रतिदिन अत्यधिक भारी बैग ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार (2018) के अनुसार कक्षा-वार अधिकतम स्कूल बैग वजन
कक्षा अधिकतम बैग वजन
कक्षा I – II 1.5 किलोग्राम
कक्षा III – V 3 किलोग्राम
कक्षा VI – VII 4 किलोग्राम
कक्षा VIII–IX 4.5 किलोग्राम
कक्षा X 5 किलोग्राम
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सीमा त्यागी ने कहा कि भारी स्कूल बैग बच्चों के भविष्य पर सीधा प्रहार है। कम उम्र में ही रीढ़, कंधों और गर्दन से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे, अब आवश्यकता है कि उन्हें कागज़ों तक सीमित न रखकर ज़मीन पर सख्ती से लागू किया जाए। बच्चों का स्वास्थ्य किसी भी कीमत पर समझौते का विषय नहीं हो सकता। वहीं आईपीए के उपाध्यक्ष श्री विनय कक्कड़ ने कहा कि अधिकांश विद्यालयों में बच्चों से अनावश्यक किताबें, कॉपियाँ और अतिरिक्त सामग्री प्रतिदिन मंगवाई जाती है। यदि समय-सारिणी और पाठ्यक्रम की उचित योजना बनाई जाए तो बैग का वजन स्वतः ही कम किया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की, जिससे एक सकारात्मक और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित हो सके। इस मौके पर आईपीए टीम के राहुल शर्मा , अजय राय , जितेन्द्र कुमार अरोड़ा , टिल्लू चौधरी, अंकित चौधरी , सौरभ कुमार संतराज चौहान , विवेक त्यागी आदि मौजूद रहे
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