आई.टी. एस. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट गाजियाबाद में मार्केटिंग समिट–2025 का आयोजन

आई.टी. एस. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट गाजियाबाद में मार्केटिंग समिट–2025 का आयोजन 
Ghaziabad :- आई.टी.एस. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, गाज़ियाबाद में 29 नवंबर 2025 को पीजीडीएम (2025–27) एवं (2024–26) सत्र के छात्रों के लिए “जेन अल्फ़ा के युग में मार्केटिंग: ग्राहक सहभागिता का नया आयाम” विषय पर मार्केटिंग समिट- 2025 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आई.टी.एस.–द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा के मार्गदर्शन में द्रोणाचार्य ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं दी। आई. टी. एस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर पी चड्ढा ने समिट के आयोजकों को बधाई दी और समिट की सफलता की कामना की।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री मुदित अग्रवाल (संस्थापक एवं सीईओ, एग्रीम टेक सर्विसेज), गेस्ट ऑफ ऑनर श्री नीरज मलिक (होल टाइम डायरेक्टर एवं बोर्ड सदस्य, एपटेक लिमिटेड), प्रो. डॉ. अजय कुमार (निदेशक, आई.टी.एस. स्कूल ऑफ मैनेजमेंट), प्रो. दुर्बा रॉय (एसोसिएट वीपी – सीआरसी), डॉ. अनुषा अग्रवाल (चेयरपर्सन, पीजीडीएम), डॉ. सुनील पांडे (निदेशक, आईटीएस, गाजियाबाद), तथा डॉ. नैन्सी शर्मा (प्रिंसिपल, आई.टी.एस. यूजी कैंपस) द्वारा
 मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से संपन्न किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय कुमार ने गणमान्य अतिथियों को पौधा, स्मृति चिह्न एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में जेन अल्फ़ा की विशेषताओं, जेन ज़ेड और जेन अल्फ़ा के बीच प्रमुख अंतर, जेन अल्फ़ा के बढ़ते प्रभाव, मार्केटिंग 5.0 के युग तथा नई मार्केटिंग रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके बाद प्रो. दुर्बा रॉय ने अतिथियों का स्वागत किया और पैनल चर्चा के विषयों तथा प्रमुख बिंदुओं का विवरण प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को कार्यक्रम के प्रारूप से अवगत कराया।
अतिथि संबोधन
उद्घाटन सत्र में सबसे पहले श्री नीरज मलिक ने “डिजिटल नेटिव से एआई नेटिव की ओर बदलाव” विषय पर अपना विचार साझा किया। उन्होंने जेन अल्फ़ा की जनसंख्या, उनकी खर्च करने की क्षमता, मोबाइल उपयोग तथा निर्णय क्षमता के आधार पर इसे भविष्य का प्रभावशाली उपभोक्ता वर्ग बताया। उन्होंने अनुभव-प्रधान सोच, मूल्य-आधारित प्रामाणिकता, व्यक्तिगत उम्मीदें तथा क्रिएटर एवं कम्युनिटी-फर्स्ट एंगेजमेंट जैसे नए स्तंभों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद श्री मुदित अग्रवाल ने छात्रों से मार्केटिंग पर चर्चा शुरू कर ग्राहक अनुभव के महत्व एवं 4 पी के जेन ज़ेड और जेन अल्फ़ा के संदर्भ में बदलते स्वरूप पर विचार साझा किए।
उद्घाटन सत्र का समापन समूह फोटो एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।
प्रथम पैनल सत्र का संचालन डॉ. प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने किया, जिसमें पैनलिस्ट 
श्री विशाल तलवार, सीओओ, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन
सुश्री अदिति मिश्रा, सीईओ, लोडस्टार यूएम
श्री गुरमीत सिंह चुग, चेयरमैन, ट्रांसल्यूमिना थेरेप्यूटिक्स
श्री गौरव गुप्ता, एवीपी, साइबरमीडिया एवं
श्री गगन शर्मा, कंट्री मैनेजर, एयर मॉरिशस ने भाग लिया 
प्रो. डॉ. अजय कुमार ने सभी पैनलिस्टों का स्वागत किया। चर्चा की शुरुआत श्री विशाल तलवार ने जेन अल्फ़ा को प्रभावी ढंग से मार्गदर्शित करने पर विचार रखते हुए की। सुश्री अदिति मिश्रा ने कोविड का जेन अल्फ़ा पर प्रभाव, स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) के प्रति उनकी दृष्टि तथा फैशन उद्योग पर इसके प्रभाव पर चर्चा की।
श्री गुरमीत सिंह चुग ने स्थिरता को लाभप्रदता का मार्ग बताते हुए कहा कि “जेन अल्फ़ा चलने से पहले स्वाइप करना सीखती है।” उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के अनुभव साझा किए व डिजिटल दुनिया में प्रामाणिकता की चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
श्री गगन शर्मा ने विमानन उद्योग में सस्टेनेबिलिटी की चुनौतियों व भारतीय उपभोक्ताओं की मूल्य संवेदनशीलता पर चर्चा की। श्री गौरव गुप्ता ने जेन ज़ेड और जेन अल्फ़ा के व्यवहारिक एल्गोरिद्म, कार्बन फुटप्रिंट, डिजिटल इकोसिस्टम तथा एआई–एआर की भूमिका पर विचार साझा किए।
सत्र के अंत में छात्रों के लिए प्रश्नोत्तर समय रखा गया।
द्वितीय पैनल सत्र
प्रो. दुर्बा रॉय के संचालन में हुआ, जिसमें 
श्री पियूष जिंदल, संस्थापक, द इंडियन एक्सपोर्टर
श्री अभिषेक उपाध्याय, डायरेक्टर, पेटोस इंश्योरेंस
श्री शिरीष सुमन, एवीपी – मार्केटिंग, 99 एकड़
श्रीमती देवमिता चक्रवर्ती, सीनियर क्लाइंट डायरेक्टर, रूबिक्स डेटा साइंसेज़
एवं श्री अमृतेश्वर ग्रोवर, एमडी, एपिक ब्रांड्स ने चर्चा में भाग लिया। श्री पियूष जिंदल ने आयात–निर्यात में हो रहे बदलावों और उत्पाद–सेवा मांग के एल्गोरिद्म–आधारित होने पर की। श्री अभिषेक उपाध्याय ने पालतू पशु उद्योग, सामाजिक दबाव, भावनात्मक स्वास्थ्य और पालतू देखभाल के खर्चों पर प्रकाश डाला।
श्रीमती देवमिता चक्रवर्ती ने डेटा के स्रोत, नए रुझान एवं रूबिक्स डेटा साइंसेज़ की यात्रा बताई। श्री शिरीष सुमन ने 99 एकड़ द्वारा उपभोक्ताओं को बेहतर खोज अनुभव देने हेतु ब्रोकर डेटा प्रोसेसिंग, फर्स्ट–मूवर एडवांटेज, ग्राहक–केंद्रितता और तकनीकी अपनाने पर विचार रखे।
श्री ग्रोवर ने ई–कॉमर्स, उपभोक्ताओं की अपेक्षाएँ तथा एआई समावेशन पर अपने विचार साझा किए।
सत्र का समापन प्रश्नोत्तर के साथ हुआ।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम धन्यवाद ज्ञापन, तथा फैकल्टी सदस्यों एवं छात्र कार्यकर्ताओं के साथ समूह फोटो के साथ सम्पन्न हुआ। समिट में पीजीडीएम दोनों सत्रों के कुल 275 छात्रों ने परिचर्चा में उपस्थिति दर्ज कराई।

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