आईपीए ने उठाया कड़कड़ाती ठंड में धर्मशाला में पढ़ने को मजबूर 125 नौनिहाल की शिक्षा और सुरक्षा का मुद्दा
Ghaziabad :-एशिया की सबसे बड़ी साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र के मकनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति के कारण 125 से अधिक नौनिहाल कड़कड़ाती ठंड में धर्मशाला में पढ़ने को मजबूर हैं। इस गंभीर एवं संवेदनशील स्थिति को लेकर इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने आज विद्यालय की प्रधानाचार्या से मुलाकात कर बच्चों की पीड़ा प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया। आईपीए की अध्यक्ष सीमा त्यागी ने कहा कि एक ओर सरकार विकसित भारत और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे नारे देती है, वहीं राजधानी से सटे गाजियाबाद के इस सरकारी विद्यालय में मासूम बच्चे टीन-शेड के नीचे दरी पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। विद्यालय को जर्जर घोषित हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी आज तक इसके जीर्णोद्धार के लिए बजट स्वीकृत नहीं हो सका।
धर्मशाला में आए दिन विवाह एवं अन्य कार्यक्रम होने के कारण कक्षाएं बाधित हो जाती हैं, और कई बार बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ना पड़ता है — जिससे उनकी सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्रभावित होती हैं। हम पिछले चार महीनों से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन से इस विद्यालय का जीर्णोद्धार और बच्चों की शिक्षा सुचारू रूप से संचालित करने की गुहार लगा रहे है लेकिन हर बार फंड जारी कराने की बात कह आश्वाशन दे दिया जाता है क्या यह इन अधिकारियों की इन नौनिहालों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति संवेदनहीनता नहीं ?
आईपीए के महासचिव महिपाल रावत एवं राहुल शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण नौनिहालों का भविष्य खतरे में है। यदि अधिकारी स्वयं मौके पर आकर स्थिति देखें, तो वे इस दर्दनाक परिस्थिति को देखकर निश्चय ही भावुक हो उठेंगे। सरकार के पास तमाम योजनाओं के लिए फंड उपलब्ध है — तो फिर इन बच्चों के विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए बजट क्यों नहीं?
इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग करती है कि प्राथमिक विद्यालय मकनपुर-2 का जीर्णोद्धार तत्काल कराया जाए। यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बच्चों के हित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर सीमा त्यागी, राहुल शर्मा, एडवोकेट सुमित त्यागी, अमित चौहान, विवेक त्यागी आदि उपस्थित रहे।