धूमधाम से मनाया आशा दीप फाउंडेशन ने बाल दिवस


Ghaziabad :- आशा दीप फाउंडेशन एक गैर सरकारी स्वयसेवी Pan India संस्था है जो लगभग पिछले 40 वर्षों से बच्चों महिलाओं व युवाओं को सशक्त बनाने व उनके उत्थान हेतु कार्य कर रही है । आशा दीप फाउंडेशन पिछले 40 वर्षो से जो Education, Health, livelihood, Children in Need of care and protection क्षेत्र पर कार्य करती आ रही है।
आशा दीप फाउंडेशन जो भारत के राजधानी दिल्ली एन 0 सी0 आर0 मुंबई चेन्नई तथा देश के अलग अलग भागो में कार्यरत हैं जो समाज से उपेक्षित अवहेलित शिक्षा से वंचित लोगों के उत्थान हेतु निरंतर कार्य करते हुए उन्हें स्वावलंबी बनाकर समाज के मुख्य द्वार से जोड़ती है। अब तक संस्था 5लाख से ज्यादा लोगो के साथ जुड़ कर काम कर रही है।आशा दीप फाऊंडेशन प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाल मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसका theme :- Education for Underprivileged And Rag Picking Children है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे निधि पाण्डे , रवि भाटी जी निगम पार्षद शालीमार गार्डन, सरदार सिंह भाटी, विनय चौधरी जी, कालीचरण जी पार्षद, चौकी इंचार्ज शहीद नगर, तथा अलग-अलग क्षेत्रों से आए अन्य अतिथियों विचारकों तथा शिक्षाविदों ने भी उपस्थित होकर आज के कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। संस्था के निदेशक Mr. H.K.Chetty तथा संस्था की कार्यकारिणी अधीक्षिका जी ने सभी गणमान्य वह अतिथियों का जोरदार स्वागत किया है। मेले की शुरुआत रिबन काट कर किया गया उसके बाद सभी अतिथियों ने निरीक्षण किया उसके बाद सभी अतिथियों के लिए सभी दुकानों से जो वस्तु लगाई गई उसका भी निरीक्षण किया गया । 
बाल दिवस भारत का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है जो हर वर्ष 14 नवंबर को पूरे देश में बड़े उत्साह और आनंद के साथ मनाया जाता है। यह दिन हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की जयंती को समर्पित है। नेहरू जी बच्चों से अत्यधिक प्रेम करते थे और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हमेशा प्रयासरत रहते थे। बच्चे उन्हें स्नेहपूर्वक “चाचा नेहरू” कहकर पुकारते थे। 
बाल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और उनके समग्र विकास के प्रति जागरूकता फैलाना है। इस दिन स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएँ और रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिनसे बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ता है। बाल दिवस न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि बच्चों को स्नेह, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना हम सभी का कर्तव्य है।
मेले मे सभी लोगो खूब मस्ती किया तथा मेले मे लक्की ड्रॉ निकाला गया जिसका सभी ने बेसब्री से प्रतिक्षा किया सभी बच्चे व अभिभावक खुश थे। सभी ने खूब संस्था को सराहा तथा संस्था को खूब आशीर्वाद दिया। 

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