आस्था: 27 वें करवाचौथ व्रत के साथ रिश्तों में आई और भी ज्यादा मधुरता
गाजियाबाद। सुहागनों द्वारा अपने पतियों की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाले करवाचौथ व्रत में नए जमाने की पीढ़ी भी पूरी आस्था रखती है। साल दर साल आने वाले सुहागनों के इस पर्व के प्रति आस्था ही सनातन संस्कृति की पहचान भी है। इसी सनातन संस्कृति की छाया में पली बढ़ीं गुलमोहर एन्क्लेव निवासी अनुजा बंसल इस वर्ष अपने पति गौरव बंसल के लिये 27 वां करवाचौथ का व्रत रखा।
शुक्रवार को पूरे भारतवर्ष में सभी सुहागनें करवाचौथ का त्यौहार पूरी आस्था के साथ मनाएंगी। ऐसी ही एक सुहागन अनुजा बंसल से जब हमारी बात हुईं तो उन्होंने बताया कि शादी के 27 साल पूरे होने के बाद भी ये करवाचौथ का व्रत वह पूरी आस्था के साथ रखती हैं। उन्होंने बताया कि अपने पति गौरव बंसल की लंबी आयु के लिए वह इस निर्जल व्रत को रखती हैं और रात को चंद्रमा और अपने पति के मुख को देखकर ही अपने पति के हाथों जल गृहण करके व्रत खोलती हैं। उन्होंने बताया कि सनातन सँस्कृति की खूबसूरती है कि हमें अपने पतियों की दीर्घायु की कामना करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। इस दिन वह सोलह श्रंगार करके पूरी श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं। घर पर पकवान बनाये जाते हैं और फिर रात को सब एकसाथ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं।
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