मुख्यमंत्री का गाजियाबाद दौरा , रात 11 बजे सीमा त्यागी के घर पहुंचा पुलिस प्रशासन
Ghaziabad :- ये प्रदेश की जनता के लिए हैरान करने वाली बात है कि आखिर क्यों जब जब प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का गाजियाबाद दौरा होता है, तब तब शिक्षा के मुद्दे को बुलंदी से उठाने वाली सीमा त्यागी को पुलिस प्रशासन द्वारा नजरबंद कर दिया जाता है ? यह क्रम लगातार कई वर्षों से बादस्तूर जारी है। आज भी जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद के नेहरूनगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए जिले में आ रहे हैं , उससे पूर्व ही रात्रि लगभग 11 बजे पुलिस प्रशासन द्वारा सीमा त्यागी के घर पहुंचकर पहरा बैठा दिया गया। सीमा त्यागी ने कहा कि रात को 11 बजे पुलिस प्रशासन का घर आना निश्चित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है। मैं प्रदेश सरकार से पूछना चाहती हूँ कि क्या आरटीई के अतर्गत चयनित आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो के दाखिले की आवाज उठाना, आरटीई अधिनियम को प्रभावी ढंग से प्रदेश में लागू करना , "एक देश एक शिक्षा एक बोर्ड की बात करना" , जिले के निजी स्कूलों में एनसीआरटी का पाठ्यक्रम लगाने की आवाज बुलंद करना, जिले के निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से किताब कॉपी , स्टेशनरी यूनिफॉर्म, मेंटीनेंस चार्ज , A .C.चार्ज, वार्षिक शुल्क और मोटी फीस के नाम पर की जा रही अंधाधुंध लूट पर अंकुश लगाना , आरटीई के दाखिले नहीं लेने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की आवाज को सरकार तक पहुंचना गुनाह है ? अब ऐसा लगने लगा है कि या तो हमारे जिले की शिक्षा माफियाओं की लॉबी इतनी प्रभावशाली है कि वो मुख्यमंत्री जी तक अभिभावकों की आवाज ना पहुंचे इससे पहले ही मुझे नजरबंद करा दिया जाता है या फिर खुद मुख्यमंत्री जी ही शिक्षा के मुद्दों को सुनना और समाधान नहीं करना चाहते हैं ।मुख्यमंत्री जी के आज के कार्यक्रम की टैग लाइन "विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश" का शताब्दी संकल्प @2047 है क्या देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सस्ती सुलभ और मजबूत किए बिना विकसित भारत का सपना पूरा किया जा सकता है? अभिभावक चाहते है कि मुख्यमंत्री जी शिक्षा के मुद्दे पर वार्ता कर समाधान निकाले ना कि शिक्षा की आवाज उठाने पर नजरबंद कराए।
मुझे नजरबंद कर मानसिक रूप से प्रताड़ित तो किया जा सकता है लेकिन मेरे हौसले को तोड़ा नहीं जा सकता । जब तक जान में जान हैं मैं सरकार तक अभिभावकों की आवाज पहुंचाती रहूंगी ।
सीमा त्यागी
शिक्षा है व्यापार नही ये लूट हमे स्वीकार नही।
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