भाजपा के पूर्व सांसद रमेशचंद्र तोमर ने श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर पर लगाए गम्भीर आरोप
गाजियाबाद। श्री धार्मिक रामलीला समित कविनगर के अध्यक्ष और महामंत्री को भाजपा के पूर्व सांसद रमेशचन्द्र तोमर द्वारा दिए गए 20-20 करोड़ के नोटिस ने रामलीला में ही भूचाल ला दिया है। इस मामले ने शहर में तूल पकड़ लिया है, इन सब बातों को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद रमेशचन्द तोमर ने प्रेसवार्ता के दोरान श्री धार्मिक रामलीला समिति के अध्यक्ष ललित जायसवाल और महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए । वही उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि रामलीला कमेटी द्वारा जनता के पैसे का खुलकर दुरूपयोग किया जा रहा है, आज लोग धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर अपनी जेब भरने में लगे हुए है ईश्वर का भी उनको कोई डर-भय है नहीं है । वही भाजपा पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर में आगे बताते हुए कहा डिप्टी रजिस्ट्रार ने समिति को बताया हुआ है अवैध? और भाजपा पूर्व सांसद रमेश चन्द्र तोमर ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उनके द्वारा पत्र लिखकर मांगे गए जवाब में डिप्टी रजिस्ट्रार ने जवाब दिया कि निर्वाचन कार्यवाही 12-6-2022 तथा 11-5-25 के क्रम में क्रमश सूची वर्ष 2022-2023 एवं सूची वर्ष 2025-26 को कार्यालय द्वारा पंजीकृत नहीं किया गया है। वर्तमान में प्रबंध समिति अवैध एवं अवैधानिक है।
आज डिप्टी रजिस्ट्रार के निर्णय से जनपद की कई रामलीलाओं में कानूनी पेंच फंसा हुआ है, अब समझने वाली बात यह है कि जब श्री धार्मिक रामलीला की समिति अवैध है तो इससे संचालन कराने की अनुमति कौन दे रहा है।
उन्होंने कहा कि श्री धार्मिक रामलीला समित के महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा ने मुझे 30 जुलाई को पत्र भेजते है कि आप धार्मिक रामलीला समिति कविनगर गाजियाबाद के सम्मानित अजीवन सदस्य है, समिति की साधारण सभा की बैठकों की उपस्थित पंजिकाओं की जांच में पाया गया है कि आप सभी बैठकों से
अनुपस्थित रहे है। साधारण सभा द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार ऐसे सदस्य जो लगातार तीन वर्षों तक अनुपस्थित रहे हैं उनकी सदस्य समाप्त की जाए। इस पत्र के माध्यम से दस दिन का समय दिया गया था। जिसके बाद मेरे द्वारा 6 अगस्त को पत्र लिखा गया कि संस्था पर सोसायटी अधिनियम 1860 के तहत बताया कि मेरा द्वारा जब इस मामले में डिप्टी रजिष्ट्रार को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने पत्र के माध्यम से जवाब दिया कि कार्यालय पत्रावली पर उपलब्ध पत्रों के अनुसार 11-5-2025 की निर्वाचन कार्यवाही पत्रावली पर उपलब्ध है इससे पूर्व तत्कालीन डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा-25(2) के अंतर्गत निर्वाचन अधिकारी नामित किया गया था, नामित निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिनांक 12-6-2022 को निर्वाचन संपन्न कराया गया था सोसायटी की पंजीकृत नियमावली के अनुसार प्रबंध समिति के निर्वाचन का कार्याकाल तीन वर्ष है। सोसायटी द्वारा निर्वाचन दिनांक 11-5-2025 को सम्मन कराने की कार्यवाही पत्रावली पर मौजूद है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा योजित याजिका संख्या-20696/2017 तथा अवमानना याचिका संख्यका 13344/2022 में इस संबंध में अन्तरिम निर्णय दिए जाने तक प्रबंधसमिति सूची वर्ष 2022-23 को अभ तक कार्यालय द्वारा पंजीकृत नहीं किया गया है। कार्यालय द्वारा उक्त निर्वाचन कार्यवाही दिनांक 11-5-2025 को अद्यतन पंजीकृत नहीं किया गया है और न ही प्रबंध समिति को सूची को पंजीकृत किया गया है।
प्रावधान प्रभावी है और कोई भी नियम संस्था द्वारा पंजीकृत नियमावली में संसोधन किए बिना प्रभावी नहीं है और संशोधन भी आगामी वर्षों के लिए संशोधन डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटीज की स्वीकृति की तिथि से आगामी वर्षों में प्रभावी होगा। वही तीस जुलाई के नोटिस को भी अभी तक निरस्त नहीं किया गया हैl इस दोरान पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल, पूर्व अध्यक्ष रामकुमार तोमर, पूर्व रामलीला पदाधीकरी लालचंद शर्मा, पूर्व महामंत्री रामगोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
श्री धार्मिक रामलीला समिति के महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा संवाददाता को बताया की गुरुजी एवं भाजपा के पूर्व सासंद रमेश चंद्र तोमर को गलतफहमी हो गई है ऐसा मामला कुछ नहीं है जल्दी उनकी गलतफहमी को दूर किया जाएगा और कमेटी में कोई हेरा फेरी पैसे का दुरुपयोग नहीं हो रहा है सारा कुछ ऑडिट हो चुका है कमेटी पारदर्शिता से कार्य कर रही है