ई0 वी0 रामा स्वामी पेरियार का जन्म दिवस समारोह व शोषितों, पीड़ितों, वंचितों को अन्याय, शोषण, अनाचार से मुक्ति के लिए नि: शुल्क क़ानूनी लड़ाई लड़ने वाले श्रद्धेय शिव दयाल चौरसिया की पुण्यतिथि का आयोजन किया

Ghaziabad :- लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में सामाजिक न्याय के पुरोधा, पाखंड, रुढ़िवाद, कुरीतियों के घोर विरोधी ई0 वी0 रामा स्वामी पेरियार का जन्म दिवस समारोह व शोषितों, पीड़ितों, वंचितों को अन्याय, शोषण, अनाचार से मुक्ति के लिए नि: शुल्क क़ानूनी लड़ाई लड़ने वाले श्रद्धेय शिव दयाल चौरसिया की पुण्यतिथि का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखक अध्यात्मिक विचारक अमर जीत सिंह कलिंगा ने किया, मुख्य वक्ता लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव शिक्षाविद रहे, आयोजन अमृतलाल चौरसिया, संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया, सभी कार्यक्रम में शामिल साथियों ने इन महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर स्मरण करते हुए इनके विचार, कृतित्व को जन-जन में पहुँचाने का संकल्प लिया, हुकुम सिंह, राजेन्द्र सिंह, पंडित विनोद त्रिपाठी ने देश प्रेम के गीत सुना सभी को आत्मविभोर कर दिया, संजय चौरसिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया|
         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनैतिक चिन्तक राम दुलार यादव ने कहा कि ई0वी0 रामा स्वामी पेरियार और शिव दयाल सिंह चौरसिया का परिवार सम्पन्नता के शिखर पर रहा, लेकिन इन दोनों नेताओं ने वंचित, शोषित, दलित, पीड़ित और प्रताड़ित वर्ग के साथ होने वाले अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए धार्मिक पाखंड, शोषण और ऊँचनीच की व्यवस्था का जीवन भर विरोध किया, शिव दयाल चौरसिया ने पेरियार रामा स्वामी को उत्तर भारत में पिछड़ों, दलितों में चेतना जागृत हो बुलाया, शिव दयाल चौरसिया का कहना था कि “मै चौरसिया हूँ, जब तक ऊँचनीच, असमानता की देश में व्याप्त खाई को चौरस अर्थात बराबर नहीं कर दूंगा चैन से नहीं बैठूँगा”| उन्होंने जरूरतमंद छात्रों की मदद, नि:शुल्क मुकदमे लड़ना, हजारों नकद रूपये देकर आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्गों के छात्र-छात्राओं की सहायता जीवन पर्यंत की, आप डा0 अम्बेदकर और मान्यवर काशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग किया|
        पेरियार रामा स्वामी ने उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक भ्रमण कर शोषित, पीड़ित समाज में राजनीतिक चेतना पैदा की, वह तर्कशील, महान विलक्षण प्रतिभावान थे, उन्होंने धर्म स्थलों में होने वाले शोषण, रुढियों और कुरीतियों तथा पाखंड का जमकर विरोध किया, तथा लोगों को आह्वान किया, जब तक मानव जाति पाखंड, झूठ में फंसी रहेगी, गुलामी की शिकार हो लुटती रहेगी, जब तक वैचारिक क्रान्ति नहीं होगी, आप के दुःख दूर नहीं होंगे, वह दक्षिण भारत में सत्ताधारी पार्टी डी0एम0के0 के संस्थापक रहे, तथा शोषण से मुक्ति की लड़ाई निर्भीकता पूर्वक लड़ते रहे| 
   कार्यक्रम में शामिल रहे, अमरजीत सिंह कलिंगा, राम दुलार यादव, संजय चौरसिया, डा0 देवकर्ण चौहान, शम्भू नाथ जायसवाल, हुकुम सिंह, सत्यपाल सिंह, ब्रह्म प्रकाश, ओम प्रकाश अरोड़ा, हरेन्द्र यादव, मुनीव राम यादव, चुन्नीलाल चौरसिया, लक्ष्मी नारायण सहगल, रामेश्वर यादव, अनिल मिश्र, विजय मिश्र, आर0 बी0 यादव, अमृतलाल चौरसिया, विनोद त्रिपाठी ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया| 

Comments